Assembly Elections– चुनाव आयोग ने पांच राज्यों – मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, और मिजोरम में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की है। इसके साथ ही, इन राज्यों में आदर्श आचार संहिता भी प्रयुक्त हो गई है। इस दौरान, अधिकांश सरकारी कामों पर अस्थाई रोक लगी गई है, जिनसे सरकार को संभावित फायदा हो सकता है। चुनाव आचार संहिता का मुख्य उद्देश्य आखिरकार क्या होता है, इस पर हम आपको बताएंगे
राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के मार्गदर्शन के लिए आदर्श आचार संहिता मानदंडों का एक समूह होता है, जिसे राजनीतिक दलों की सहमति से विकसित किया गया होता है। चुनाव के दौरान, सभी पार्टियों, नेताओं, और सरकारों को इन नियमों का खासतौर पर पालन करना आवश्यक होता है।Also Read –BJP Fourth List – 57 उम्मीदवार की चौथी सूची भाजपा ने की जारी
चुनाव प्रचार के लिए धार्मिक स्थलों जैसे कि मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारा, या अन्य पूजा स्थलों का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए मंच के तौर पर नहीं किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, वोट प्राप्त करने के लिए जाति या साम्प्रदायिक भावनाओं की प्रोत्साहन नहीं की जा सकती है।
आचार संहिता लागू होने के दौरान विशिष्ट क्षेत्र में ऐसी योजना का उद्घाटन/घोषणा प्रतिबंधित होती है।
मौजूद सभी होर्डिंग, विज्ञापन आदि को संबंधित अधिकारियों द्वारा तुरंत हटा दिया जाएगा. इसके अलावा, सरकारी खजाने की कीमत पर समाचार पत्रों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सहित अन्य मीडिया में कोई विज्ञापन जारी नहीं किया जाना चाहिए।
मिजोरम, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान और तेलंगाना में चुनावों की तारीखों की घोषणा की गई है। क्रमशः मध्यप्रदेश में 17 नवंबर को, राजस्थान में 23 नवंबर को, और छत्तीसगढ़ में 7 नवंबर और 17 नवंबर को चुनाव होगा। इसके अलावा, मिजोरम में 7 नवंबर और 3 दिसंबर को दो चरणों में चुनाव होगा, और नतीजे 3 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे।Also Read –MPPSC Bharti – राज्य वन सेवा 2023 के लिए जारी हुआ नोटिफिकेशन


